Additional information
| Weight | 300 kg |
|---|---|
| Dimensions | 21.5 × 14 cm |
| Weight | 300 kg |
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| Dimensions | 21.5 × 14 cm |
पल्लवी लघाटे का जन्म ग्वालियर (मध्य प्रदेश) में हुआ तथा वर्तमान में वे कल्याण (महाराष्ट्र) में निवासरत हैं। उन्होंने भूगोल विषय में एम.ए. एवं एम. फिल. की उपाधि प्राप्त की है। वर्तमान में वे एक कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं।
शिक्षा एवं लेखन के क्षेत्र से उनका जुड़ाव लंबे समय से रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के बबीना स्थित सेंट्रल स्कूल में पी. जी. शिक्षक के रूप में कार्य किया है। इसके अतिरिक्त कल्याण (महाराष्ट्र) के गुरुकुल विद्यालय में शिक्षिका के रूप में तथा एक कोचिंग संस्थान के एडमिन विभाग में भी कार्य किया है। वर्तमान में वे लेखन एवं कंटेंट निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय हैं तथा kuchnaya.com के फेसबुक पेज के लिए ब्लॉग लेखन का कार्य भी कर चुकी हैं।
लेखन के प्रति उनका रुझान बचपन से ही रहा है। मन की संवेदनाओं, जीवन के अनुभवों, रिश्तों की गहराईयों तथा समाज और प्रकृति से जुड़े विविध पहलुओं को वे अपनी रचनाओं में सहजता और भावपूर्ण ढंग से अभिव्यक्त करती हैं। उनकी लेखनी में संवेदनशीलता, आत्मचिंतन और जीवन-दर्शन का सुंदर समन्वय दिखाई देता है।
साहित्य के साथ-साथ संगीत में भी उनकी विशेष रुचि है। वे सुगम संगीत में विशारद की शिक्षा पूर्णता की ओर अग्रसर हैं तथा गायन परीक्षाओं में विशेष योग्यता प्राप्त कर चुकी हैं।
उनकी रचनाएँ विभिन्न साहित्यिक मंचों पर सराही गई हैं। उनकी कविताएँ ‘बालमन की उड़ान’ काव्य-संग्रह तथा मराठी पुस्तक ‘फुलोरा’ में प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न ऑनलाइन साहित्यिक मंचों पर लेखन हेतु उन्हें अनेक प्रमाण-पत्र प्राप्त हुए हैं। साहित्यिक योगदान के लिए उन्हें चेतना मंच फेसबुक पेज द्वारा ट्रॉफी से भी सम्मानित किया गया है।
‘मनाक्षर’ उनकी प्रथम स्वतंत्र काव्य-कृति है। इस संग्रह में जीवन, प्रेम, रिश्ते, संघर्ष, आशा, प्रकृति और मानवीय भावनाओं के विविध रंगों को शब्दों के माध्यम से अभिव्यक्त करने का प्रयास किया गया है। उनका विश्वास है कि शब्द केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि मन से मन तक पहुँचने वाला एक सशक्त सेतु हैं।
India,with intelligent young generation,has potential to become Super power. We can create such scientists of world class when ween courage scientific temper in the students right from their teen-age.This book is outcome of author?s passion for above thought process. It is a compendium of his scientific articles published through newspapers, magazines, journals, souvenirs etc.This book will be feast for teenagers with quest for science and technology.
शब्दांच्या दुनियेतील एक ऋषितुल्य व्यक्तिमत्व…
नागपूरच्या मातीतील एक प्रगल्भ कवी, संवेदनशील लेखक आणि जनसंपर्क क्षेत्रातील एक अनुभवी नाव म्हणजे अमोल दिलीपराव तपासे. राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपूर विद्यापीठातून ‘जनसंवाद’ विषयात पदव्युत्तर पदवी संपादन केलेल्या अमोलजींच्या लेखणीत समाजाचा आरसा आणि मातीचा सुगंध दोन्ही आढळतात. स्फूर्तीगीते, ओतप्रोत देशभक्तीपर रचना, भावविभोर भावगीते, भक्तीमय भजने आणि वैविध्यपूर्ण काव्यसंग्रह असा त्यांचा प्रदीर्घ साहित्यिक प्रवास आहे. त्यांचे वैचारिक लेख आणि कविता महाराष्ट्रातील नामांकित वृत्तपत्रांतून व सोशल मीडियावरून सातत्याने वाचकांच्या भेटीला येत असतात, ज्यातून समाजमनाचा वेध घेतला जातो. अखिल भारतीय मराठी साहित्य संमेलनाच्या मानाच्या व्यासपीठावर काव्य सादरीकरण करण्याचा बहुमान त्यांना प्राप्त झाला आहे, ही त्यांच्या काव्यप्रतिभेची मोठी पावती आहे. त्यांचा ‘श्रीमहन्मंगले’ हा काव्यसंग्रह म्हणजे राष्ट्रचिंतन आणि भक्तीरसाचा एक अजोड संगम आहे. त्यांच्या प्रगल्भ वैचारिक मांडणीचा आणि उत्कट शब्दकलेचा हा संग्रह एक जिवंत पुरावाच आहे. सध्या त्यांची काही नवीन पुस्तके प्रकाशनाच्या वाटेवर असून रसिक वाचकांसाठी ती पर्वणीच ठरेल.
In this upanishad too how the cosmic knowledge can be achieved and brought into daily life style is revealed by the writer. Infact the writer shri B. R. Modak has published a series of main upanishadas, the text and interpretation is worth reading for all, who are proud of our noble heritage. One of them is Atmopanishad linking the individual being to the cosmic consciousness.
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