Additional information
| Weight | 20 kg |
|---|---|
| Dimensions | 21.5 × 14 cm |
| Weight | 20 kg |
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| Dimensions | 21.5 × 14 cm |
This is the only book available on Vedic Mathematics English. It is useful to the students of Graduate level.
The information about the God Ganesh has been compiled in this book. Besides the Major places of pilgrimage of Ganesh have also given. The devotees get all the in their minds about God Ganesh answered thereby.
कहाणी जिदà¥à¤¦à¥€à¤šà¥€ ही कादंबरी à¤à¤•ा सालस तरà¥à¤£à¥€à¤šà¥€ कथा आहे. केवळ मà¥à¤²à¤—ा चांगला आहे मà¥à¤¹à¤£à¥‚न आई वडिलांचà¥à¤¯à¤¾ आगà¥à¤°à¤¹ खातर ती विवाहाला तयार होते. शिकà¥à¤·à¤£ पà¥à¤¢à¥‡ सà¥à¤°à¥ ठेवता येईल हीच तà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¤²à¥€ जमेची बाजू. तसं ती विवाहानंतर हवं तà¥à¤¯à¤¾ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤¤à¥€à¤², आणि हवं तेवà¥à¤¹à¤¢à¤‚ शिकà¥à¤·à¤£ घेते देखील. पण नवऱà¥à¤¯à¤¾à¤šà¥à¤¯à¤¾ लहरी सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µà¤¾à¤¨à¥‡ तिला काय काय à¤à¥‹à¤—ाव लागतं… जेवà¥à¤¹à¤¾ तिचà¥à¤¯à¤¾ सहनशीलतेचा अंत होतो आणि तिचà¥à¤¯à¤¾ जीवावर बेततं तेवà¥à¤¹à¤¾ मातà¥à¤° घर सोडून बाहेर पडणà¥à¤¯à¤¾à¤¶à¤¿à¤µà¤¾à¤¯ परà¥à¤¯à¤¾à¤¯ नसतो. सगळं संपलेलं असताना फिनिकà¥à¤¸ पकà¥à¤·à¤¾à¤ªà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£à¥‡ ती पà¥à¤¨à¥à¤¹à¤¾ राखेतून उà¤à¥€ राहते. à¤à¤•ल पालकतà¥à¤µ निà¤à¤¾à¤µà¤¤ पà¥à¤¢à¥‡ जात राहते.उचà¥à¤š विदà¥à¤¯à¤¾ विà¤à¥‚षित असलेलà¥à¤¯à¤¾ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€à¤¨à¥‡ पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤·à¤¾à¤¤ अनà¥à¤à¤µà¤²à¥‡à¤²à¤‚ हे सारं … मà¥à¤¹à¤£à¥‚न तिचà¥à¤¯à¤¾ या जिदà¥à¤¦à¥€à¤šà¥€ ही कहाणी .
अकà¥à¤·à¤¯ पà¥à¤·à¥à¤ªà¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤•र राजूरकर मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से आषà¥à¤Ÿà¥€, जिला वरà¥à¤§à¤¾ (महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤°) से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ à¤à¤• यà¥à¤µà¤¾, ओजसà¥à¤µà¥€ और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संगà¥à¤°à¤¹ उनके पà¥à¤°à¤–र राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦à¥€ विचारों, सामाजिक सरोकारों और à¤à¤• संघरà¥à¤·à¤°à¤¤ यà¥à¤µà¤¾ के अंतरà¥à¤®à¤¨ का सजीव दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œà¤¼ है।
अकà¥à¤·à¤¯ की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशपà¥à¤°à¥‡à¤®’ की गहरी छाप है। वे छतà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ शिवाजी महाराज, लोकमानà¥à¤¯ तिलक, चंदà¥à¤°à¤¶à¥‡à¤–र आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ नायकों से अतà¥à¤¯à¤‚त पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हैं और अखंड à¤à¤¾à¤°à¤¤ तथा ‘राम राजà¥à¤¯’ की पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ का सà¥à¤µà¤ªà¥à¤¨ देखते हैं।
इतिहास और संसà¥à¤•ृति के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚- जैसे पूरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° (मणिपà¥à¤°) की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿, आतंकवाद, जी-20 समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ और वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ राजनीति – पर à¤à¥€ अपनी लेखनी के माधà¥à¤¯à¤® से बेबाक और तीखा पà¥à¤°à¤¹à¤¾à¤° करते हैं।
राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦ और कड़े तेवरों के अलावा, अकà¥à¤·à¤¯ के कावà¥à¤¯ में à¤à¤• यà¥à¤µà¤¾ मन की कोमलता à¤à¥€ बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ की दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤°à¥€, रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़à¥à¤¬à¤¾ उनकी कविताओं को आम यà¥à¤µà¤¾à¤“ं से जोड़ता है।
संकà¥à¤·à¥‡à¤ª में, अकà¥à¤·à¤¯ राजूरकर à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ कवि हैं जिनकी आवाज़ में यà¥à¤µà¤¾à¤“ं का शंखनाद, मातृà¤à¥‚मि के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अटूट समरà¥à¤ªà¤£ और ‘à¤à¤¾à¤°à¤¤ को à¤à¤µà¥à¤¯’ बनाने का दृढ़ संकलà¥à¤ª गूà¤à¤œà¤¤à¤¾ है।
पूरà¥à¤µ में अà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤ª जैसे संगठन में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ से कारà¥à¤¯à¤°à¤¤ रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपà¥à¤° राजà¥à¤¯ के अतà¥à¤¯à¤‚त दà¥à¤°à¥à¤—म कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· काम का अनà¥à¤à¤µ किया है। इनका जनजाति और सेवा कारà¥à¤¯ से विशेष लगाव है।
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