Bhartachi Rashtriy Pratike

50.00

As a responsible citizen each one needs to now about the symbols of and about India. The coming generation can get it through this book so as to feel proud about India. The pictures information of the 20 symbols are beautiful and representing India’s cultural reference.

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Description

Description

As a responsible citizen each one needs to now about the symbols of and about India. The coming generation can get it through this book so as to feel proud about India. The pictures information of the 20 symbols are beautiful and representing India’s cultural reference.

Additional information

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Weight 100 kg
Dimensions 21.5 × 14 cm
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Bhagyaresha

150.00

“‘भागà¥à¤¯à¤°à¥‡à¤·à¤¾â€™ कावà¥à¤¯à¤¸à¤‚गà¥à¤°à¤¹à¤¾à¤šà¥€ खास वैशिषà¥à¤Ÿà¥à¤¯à¥‡

निसरà¥à¤—ाचा आलà¥à¤¹à¤¾à¤¦ आणि बदलते रूप

सामाजिक जीवनातील खदखद व वासà¥à¤¤à¤µ

आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• उंची आणि अंधशà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¥‡à¤µà¤° पà¥à¤°à¤¹à¤¾à¤°

सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€à¤šà¥‡ रूप, वà¥à¤¯à¤¥à¤¾ आणि सामरà¥à¤¥à¥à¤¯

भà¥à¤°à¤·à¥à¤Ÿà¤¾à¤šà¤¾à¤°, राजकारण, शेतकरी व समाजातील समसà¥à¤¯à¤¾

भावनांची विविधता – कोमल भावसà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶à¥€ कविता, तितकà¥à¤¯à¤¾à¤š पà¥à¤°à¤­à¤¾à¤µà¥€ सामाजिक आणि विचारपà¥à¤°à¤µà¤°à¥à¤¤à¤• कविता.

अदà¥à¤µà¤¿à¤¤à¥€à¤¯ शबà¥à¤¦à¤«à¥‡à¤• आणि लयबदà¥à¤§à¤¤à¤¾ – पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• कवितेतून उमलणारा नवा भावारà¥à¤¥.

‘भागà¥à¤¯à¤°à¥‡à¤·à¤¾â€™ : जीवनाचे सार शबà¥à¤¦à¤¬à¤¦à¥à¤§ करणारा कावà¥à¤¯à¤¸à¤‚गà¥à¤°à¤¹”

Akhand Bharat ke Swar

200.00

अकà¥à¤·à¤¯ पà¥à¤·à¥à¤ªà¤¾ पà¥à¤°à¤­à¤¾à¤•र राजूरकर मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से आषà¥à¤Ÿà¥€, जिला वरà¥à¤§à¤¾ (महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤°) से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ à¤à¤• यà¥à¤µà¤¾, ओजसà¥à¤µà¥€ और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संगà¥à¤°à¤¹ उनके पà¥à¤°à¤–र राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦à¥€ विचारों, सामाजिक सरोकारों और à¤à¤• संघरà¥à¤·à¤°à¤¤ यà¥à¤µà¤¾ के अंतरà¥à¤®à¤¨ का सजीव दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œà¤¼ है।

अकà¥à¤·à¤¯ की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशपà¥à¤°à¥‡à¤®’ की गहरी छाप है। वे छतà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ शिवाजी महाराज, लोकमानà¥à¤¯ तिलक, चंदà¥à¤°à¤¶à¥‡à¤–र आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ नायकों से अतà¥à¤¯à¤‚त पà¥à¤°à¤­à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हैं और अखंड भारत तथा ‘राम राजà¥à¤¯’ की पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ का सà¥à¤µà¤ªà¥à¤¨ देखते हैं।
इतिहास और संसà¥à¤•ृति के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚- जैसे पूरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° (मणिपà¥à¤°) की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿, आतंकवाद, जी-20 समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ और वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ राजनीति – पर भी अपनी लेखनी के माधà¥à¤¯à¤® से बेबाक और तीखा पà¥à¤°à¤¹à¤¾à¤° करते हैं।
राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦ और कड़े तेवरों के अलावा, अकà¥à¤·à¤¯ के कावà¥à¤¯ में à¤à¤• यà¥à¤µà¤¾ मन की कोमलता भी बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ की दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤°à¥€, रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़à¥à¤¬à¤¾ उनकी कविताओं को आम यà¥à¤µà¤¾à¤“ं से जोड़ता है।
संकà¥à¤·à¥‡à¤ª में, अकà¥à¤·à¤¯ राजूरकर à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ कवि हैं जिनकी आवाज़ में यà¥à¤µà¤¾à¤“ं का शंखनाद, मातृभूमि के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अटूट समरà¥à¤ªà¤£ और ‘भारत को भवà¥à¤¯’ बनाने का दृढ़ संकलà¥à¤ª गूà¤à¤œà¤¤à¤¾ है।
पूरà¥à¤µ में अभाविप जैसे संगठन में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ से कारà¥à¤¯à¤°à¤¤ रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपà¥à¤° राजà¥à¤¯ के अतà¥à¤¯à¤‚त दà¥à¤°à¥à¤—म कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· काम का अनà¥à¤­à¤µ किया है। इनका जनजाति और सेवा कारà¥à¤¯ से विशेष लगाव है।