Description
Day by day the member of private collages developing. Simultaneously problems about their management is also growing fast. This is a key book for this purpose.
Day by day the member of private collages developing. Simultaneously problems about their management is also growing fast. This is a key book for this purpose.
| Weight | 300 kg |
|---|---|
| Dimensions | 21.5 × 14 cm |
‘चकà¥à¤°à¤µà¥à¤¯à¥‚ह’ ही à¤à¤• रहसà¥à¤¯, थरार आणि गूढतेने à¤à¤°à¤²à¥‡à¤²à¥€ कादंबरी आहे, जिचà¥à¤¯à¤¾ केंदà¥à¤°à¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€ आहे – à¤à¤• रहसà¥à¤¯à¤®à¤¯ मृतà¥à¤¯à¥‚, जो केवळ à¤à¤•ा माणसाचा नाही, तर अनेकांचà¥à¤¯à¤¾ आयà¥à¤·à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¾ हादरवून टाकतो.
à¤à¤•ा नामवंत आणि लोकांचà¥à¤¯à¤¾ मनात विशेष सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ असलेलà¥à¤¯à¤¾ तंतà¥à¤°-मंतà¥à¤° व तांतà¥à¤°à¤¿à¤• विदà¥à¤¯à¤¾ निपà¥à¤£ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€à¤šà¤¾ मृतà¥à¤¯à¥‚ आतà¥à¤®à¤¹à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤¸à¤¾à¤°à¤–ा दिसतो. पण हा फकà¥à¤¤ योगायोग आहे का, की ही आहे à¤à¤• काळजीपूरà¥à¤µà¤• आखलेली योजना?
या पà¥à¤°à¤•रणाचा तपास घेतो सिनिअर इनà¥à¤¸à¥à¤ªà¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤° अजिंकà¥à¤¯ वाघमारे – धारदार बà¥à¤¦à¥à¤§à¥€, थंड डोकं आणि à¤à¤ªà¤¾à¤Ÿà¤²à¥‡à¤²à¥€ निषà¥à¤ ा असलेला à¤à¤• तगडा अधिकारी. तपासाची सà¥à¤°à¥à¤µà¤¾à¤¤ साधी वाटत असली, तरी जसजसे धागे उलगडायला लागतात, तसतसे अजिंकà¥à¤¯ à¤à¤•ा अंधाऱà¥à¤¯à¤¾ आणि अनाकलनीय चकà¥à¤°à¤µà¥à¤¯à¥‚हात अडकत जातो.
या चकà¥à¤°à¤µà¥à¤¯à¥‚हात आहेत –
मà¥à¤–वटे घातलेली माणसं,
बाहेरून साधी वाटणारी पण आतून धोकादायक पातà¥à¤°à¤‚,
तांतà¥à¤°à¤¿à¤• शकà¥à¤¤à¥€à¤‚चा वापर करून खेळला गेलेला मानसिक खेळ,
आणि à¤à¤• असा शतà¥à¤°à¥‚, जो दिसत नाही… पण पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• पावलावर सावलीसारखा उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ आहे.
ही कथा आहे विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ आणि फसवणूक, तंतà¥à¤° आणि तपास, गà¥à¤¨à¥à¤¹à¤¾ आणि गूढतेचà¥à¤¯à¤¾ सीमारेषांवर चालणाऱà¥à¤¯à¤¾ शोधयातà¥à¤°à¥‡à¤šà¥€.
‘चकà¥à¤°à¤µà¥à¤¯à¥‚ह’ वाचताना तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤²à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• पानावर नवीन पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ पडेल… आणि शेवटी उलगडेल à¤à¤• धकà¥à¤•ा देणारे सतà¥à¤¯, जे कदाचित कà¥à¤£à¤¾à¤²à¤¾à¤¹à¥€ अपेकà¥à¤·à¤¿à¤¤ नसेल!
अकà¥à¤·à¤¯ पà¥à¤·à¥à¤ªà¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤•र राजूरकर मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से आषà¥à¤Ÿà¥€, जिला वरà¥à¤§à¤¾ (महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤°) से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ à¤à¤• यà¥à¤µà¤¾, ओजसà¥à¤µà¥€ और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संगà¥à¤°à¤¹ उनके पà¥à¤°à¤–र राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦à¥€ विचारों, सामाजिक सरोकारों और à¤à¤• संघरà¥à¤·à¤°à¤¤ यà¥à¤µà¤¾ के अंतरà¥à¤®à¤¨ का सजीव दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œà¤¼ है।
अकà¥à¤·à¤¯ की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशपà¥à¤°à¥‡à¤®’ की गहरी छाप है। वे छतà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ शिवाजी महाराज, लोकमानà¥à¤¯ तिलक, चंदà¥à¤°à¤¶à¥‡à¤–र आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ नायकों से अतà¥à¤¯à¤‚त पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हैं और अखंड à¤à¤¾à¤°à¤¤ तथा ‘राम राजà¥à¤¯’ की पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ का सà¥à¤µà¤ªà¥à¤¨ देखते हैं।
इतिहास और संसà¥à¤•ृति के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚- जैसे पूरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° (मणिपà¥à¤°) की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿, आतंकवाद, जी-20 समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ और वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ राजनीति – पर à¤à¥€ अपनी लेखनी के माधà¥à¤¯à¤® से बेबाक और तीखा पà¥à¤°à¤¹à¤¾à¤° करते हैं।
राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦ और कड़े तेवरों के अलावा, अकà¥à¤·à¤¯ के कावà¥à¤¯ में à¤à¤• यà¥à¤µà¤¾ मन की कोमलता à¤à¥€ बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ की दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤°à¥€, रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़à¥à¤¬à¤¾ उनकी कविताओं को आम यà¥à¤µà¤¾à¤“ं से जोड़ता है।
संकà¥à¤·à¥‡à¤ª में, अकà¥à¤·à¤¯ राजूरकर à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ कवि हैं जिनकी आवाज़ में यà¥à¤µà¤¾à¤“ं का शंखनाद, मातृà¤à¥‚मि के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अटूट समरà¥à¤ªà¤£ और ‘à¤à¤¾à¤°à¤¤ को à¤à¤µà¥à¤¯’ बनाने का दृढ़ संकलà¥à¤ª गूà¤à¤œà¤¤à¤¾ है।
पूरà¥à¤µ में अà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤ª जैसे संगठन में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ से कारà¥à¤¯à¤°à¤¤ रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपà¥à¤° राजà¥à¤¯ के अतà¥à¤¯à¤‚त दà¥à¤°à¥à¤—म कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· काम का अनà¥à¤à¤µ किया है। इनका जनजाति और सेवा कारà¥à¤¯ से विशेष लगाव है।
In the modern times of competition and strife, if the wireman Birbal comes living, how would he solve the problem of the times ahead as thin? An interesting way present guidelines to the entrepreneurs.
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