Panchtantra

40.00

To become successful and happy, you have to follow and master tactful diplomacy. This is the real wisdom of life taught through Panchatantra, the modern education of the management taught in the famous management schools. The wisdom, diplomacy, genuily which is to be developed into your personality to presented in it through small stories. Which are interesting to understand and follow compilation

3 in stock

Compare
SKU: Panchtantra Categories: , ,
Description

Description

To become successful and happy, you have to follow and master tactful diplomacy. This is the real wisdom of life taught through Panchatantra, the modern education of the management taught in the famous management schools. The wisdom, diplomacy, genuily which is to be developed into your personality to presented in it through small stories. Which are interesting to understand and follow compilation

Additional information

Additional information

Weight 50 kg
Dimensions 21.5 × 14 cm
More Products

Gosht Berrister Sahebanchi

150.00

 

‌‘गोष्ट बॅरिस्टरसाहेबांची‌’ या पुस्तकातील व्यक्तींच्या गोष्टी आपणास नक्की प्रेरणा देतील. कदाचित आपल्या आयुष्याला नवीन वळण देतील. बॅरिस्टरसाहेब म्हणजे कोण? डॉ. बाबासाहेब आंबेडकरांच्या स्वप्नांचा रथ पुढे नेणाऱ्या त्यागी माणसाचं नाव आहे राजाभाऊ. राजाभाऊ म्हणजे त्याग. राजाभाऊ म्हणजे आंबेडकरी चळवळीचा वाघ. ज्याने फक्त समाजाचा संसार सांभाळला, समाजाच्या हितासाठी देह झिजवला अशा चंदनाचे नाव म्हणजे राजाभाऊ. कोणत्याही स्वार्थाशिवाय सामान्य माणसांना आपली वैभवी सावली देणाऱ्या वटवृक्षाचे नाव म्हणजे राजाभाऊ. कष्टकरी गरीब माणसाच्या कल्याणासाठी लढणारा योद्धा म्हणजे राजाभाऊ. आपल्या विद्वत्तेचा देशाच्या कल्याणासाठी विचार करणारी व्यक्ती म्हणजे राजाभाऊ. आंबेडकरी विचारांवर खंबीर राहणाऱ्या आंबेडकरवादी योद्ध्याचे नाव म्हणजे राजाभाऊ. कोणाचाही द्वेष घडू नये असा बुद्धविचार आचरणात आणणाऱ्या राजनेत्याचं नाव राजाभाऊ. चंद्रपूरचं नाव इतिहासाच्या छातीवर कोरणाऱ्या खोबरागडे घराण्यातील सुपुत्राचे नाव आहे राजाभाऊ. जो सर्वाचा भाऊ तो भाऊराव आणि मनाने राजासारखा तो राजाभाऊ.

Akhand Bharat ke Swar

200.00

अक्षय पुष्पा प्रभाकर राजूरकर मुख्य रूप से आष्टी, जिला वर्धा (महाराष्ट्र) से जुड़े एक युवा, ओजस्वी और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संग्रह उनके प्रखर राष्ट्रवादी विचारों, सामाजिक सरोकारों और एक संघर्षरत युवा के अंतर्मन का सजीव दस्तावेज़ है।

अक्षय की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशप्रेम’ की गहरी छाप है। वे छत्रपति शिवाजी महाराज, लोकमान्य तिलक, चंद्रशेखर आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राष्ट्रीय नायकों से अत्यंत प्रभावित हैं और अखंड भारत तथा ‘राम राज्य’ की पुनर्स्थापना का स्वप्न देखते हैं।
इतिहास और संस्कृति के प्रति गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मुद्दों- जैसे पूर्वोत्तर (मणिपुर) की स्थिति, आतंकवाद, जी-20 सम्मेलन और वर्तमान राजनीति – पर भी अपनी लेखनी के माध्यम से बेबाक और तीखा प्रहार करते हैं।
राष्ट्रवाद और कड़े तेवरों के अलावा, अक्षय के काव्य में एक युवा मन की कोमलता भी बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोस्तों की दुनियादारी, रिश्तों का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़्बा उनकी कविताओं को आम युवाओं से जोड़ता है।
संक्षेप में, अक्षय राजूरकर एक ऐसे कवि हैं जिनकी आवाज़ में युवाओं का शंखनाद, मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण और ‘भारत को भव्य’ बनाने का दृढ़ संकल्प गूँजता है।
पूर्व में अभाविप जैसे संगठन में सक्रियता से कार्यरत रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपुर राज्य के अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में प्रत्यक्ष काम का अनुभव किया है। इनका जनजाति और सेवा कार्य से विशेष लगाव है।

Dhammapada Ani Mulya Vichar

400.00
नावः प्रा.डॉ. ईश्वर तुकारामजी नंदपुरे
जन्मस्थळः 1.9.1948, भंडारा जिल्ह्यातील आकोट (विदर्भ)
शिक्षणः एम.ए.(मराठी वाङ्मय, आंबेडकर विचारधारा, गांधी विचार धारा) एम.कॉम्‌‍., एम. एड्., एम.एस.डब्ल्यू., एच.डी.एड्.,
बी.एड्., एच.एम.डी.एस्‌‍, पंडित (हिंदी वाङ्मय),
पी.एच.डी. (मराठी वाङ्य);
पीएच्‌‍.डी. (शिक्षणशास्त्र), पत्रकारिता.
व्यवसायः निवृत्त व्याख्याता (मराठी) एस.के. पोरवाल महाविद्यालय, कामठी (नागपूर)

Adhunik Bhartiya Ganiti

140.00

The Mathematicians who have contributed some new knowledge to the world and have proved their genius are described in this book with their respective photographs. All modern mathematicians are listed with their major contributions.

Ardas

165.00

सत श्री अकाल, दास अजीत सिंह भल्ला सिख धर्म के सिद्धांतों और गुरुबाणी के प्रति गहरा विश्वास रखते हैं। आपने सिख इतिहास, गुरुओं के जीवन तथा गुरमत विचारधारा का गहन अध्ययन किया है।
इस पुस्तक के माध्यम से लेखक का उद्देश्य युवा पीढ़ी तथा जिज्ञासु पाठकों तक सिख गुरुओं की शिक्षाओं को सरल और सहज भाषा में पहुँचाना है, ताकि वे गुरु परंपरा के आध्यात्मिक और सामाजिक संदेश को समझ सकें।
लेखक ने इससे पूर्व गुरु अमरदास जी (तीसरे नानक जी) के जीवन पर आधारित पुस्तक लिखी है। इसके अतिरिक्त सिख गुरु और मराठा संतों की सामाजिक भूमिका पर आधारित पुस्तक “दो धाराएँ एक प्रकाश” भी लिखी है।
लेखन और अध्यापन के साथ-साथ लेखक धर्म-प्रचार तथा समाज जागरण के कार्यों में सक्रिय रूप से संलग्न हैं।
वाहेगुरु जी का खालसा।
वाहेगुरु जी की फतेह ।।

Sahakar Kaydyatil Nave Badal

200.00

The changes in the co-operative laws according to the 97 amendment in the constitutions of India with simplifications of laws is available in this book.