Additional information
| Weight | 150 kg |
|---|---|
| Dimensions | 21.5 × 14 cm |
| Weight | 150 kg |
|---|---|
| Dimensions | 21.5 × 14 cm |
This book in Hindi is about Maharshi Kanik who was India’s grate political advisor. Political, commercial, industrial management guideline from Indian point a view are found in it, while studying about for thinking one can know precious vision of Indians simultaneously.
The nobel prize is the highest one offered to the laureates in the field of literature, science, philosophy etc. The book gives information about the beginning of the prize, and also about these who have won it. The book is one such document in Marathi that everyone must read. Writer Prakash Manikpure
There are many animals that have extincted and many are due to extinct because of the greed of man. Man has used the flesh, bones, skull, horms nails and other parts of the animals for food, medicines and also for fashionable goods. In effect many animals on the earth are no more. The whole species has extincted and only fossils or pictures of them are avialabe. The writer G.B. Sardesai has given information about many such animals which had been allve on the earth but are not found at any part of the world today. Some other animals are also on the way of being extincted and so deliberate efforts to help them to live is an urgent need.
अक्षय पुष्पा प्रभाकर राजूरकर मुख्य रूप से आष्टी, जिला वर्धा (महाराष्ट्र) से जुड़े एक युवा, ओजस्वी और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संग्रह उनके प्रखर राष्ट्रवादी विचारों, सामाजिक सरोकारों और एक संघर्षरत युवा के अंतर्मन का सजीव दस्तावेज़ है।
अक्षय की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशप्रेम’ की गहरी छाप है। वे छत्रपति शिवाजी महाराज, लोकमान्य तिलक, चंद्रशेखर आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राष्ट्रीय नायकों से अत्यंत प्रभावित हैं और अखंड भारत तथा ‘राम राज्य’ की पुनर्स्थापना का स्वप्न देखते हैं।
इतिहास और संस्कृति के प्रति गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मुद्दों- जैसे पूर्वोत्तर (मणिपुर) की स्थिति, आतंकवाद, जी-20 सम्मेलन और वर्तमान राजनीति – पर भी अपनी लेखनी के माध्यम से बेबाक और तीखा प्रहार करते हैं।
राष्ट्रवाद और कड़े तेवरों के अलावा, अक्षय के काव्य में एक युवा मन की कोमलता भी बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोस्तों की दुनियादारी, रिश्तों का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़्बा उनकी कविताओं को आम युवाओं से जोड़ता है।
संक्षेप में, अक्षय राजूरकर एक ऐसे कवि हैं जिनकी आवाज़ में युवाओं का शंखनाद, मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण और ‘भारत को भव्य’ बनाने का दृढ़ संकल्प गूँजता है।
पूर्व में अभाविप जैसे संगठन में सक्रियता से कार्यरत रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपुर राज्य के अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में प्रत्यक्ष काम का अनुभव किया है। इनका जनजाति और सेवा कार्य से विशेष लगाव है।
प्रेमभावना ही जीवनाची संजीवनी आहे. सहजपणे एकमेकांत मिसळून-समरसून जगण्याचा भावमूलक अध्याय आहे. म्हणूनच प्रेमाच्या वेदनेकडेसुद्धा सौंदर्यवादाच्या भूमिकेतून पाहिले जाते. परंतु प्रेमाच्या आणा-भाका घेतल्यावरही लग्नासारख्या पवित्र बंधनातून बाहेर पडून लग्नबाह्य संबंध ठेवणे, त्याला प्रेमाचे गोंडस नाव देऊन त्याच्या अस्तित्वासाठी वाट्टेल तसे वागणे, वासना व भावना यातील अंतर न कळणे आणि केलेल्या चुका पुन्हा दुरुस्त करण्याच्या आविर्भावातून नात्याची वीण घट्ट करण्याची उठाठेव करणे; असे कित्येकदा समाजजीवनात अनुभवायला मिळते. हेच वास्तवभान उर्मिला देवेन यांनी ‘द गेम ऑफ अफेअर’ या कादंबरीत मार्मिकपणे मांडले आहे.
Select at least 2 products
to compare