Rang Mazya Jivanache

360.00

1 in stock

Compare
SKU: Rang Mazya Jivanache Category:
Additional information

Additional information

Weight 300 kg
Dimensions 21.5 × 14 cm
More Products

Swayampak Gharatil Aushodhopachar

50.00

In our Kitchen, there are many such things available, which are useful as medicines, Vaidya Shri. R. M. Pujari has given fall information about the household materials and then medical importance, with the hints useful to every housewife.

Akhand Bharat ke Swar

200.00

अक्षय पुष्पा प्रभाकर राजूरकर मुख्य रूप से आष्टी, जिला वर्धा (महाराष्ट्र) से जुड़े एक युवा, ओजस्वी और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संग्रह उनके प्रखर राष्ट्रवादी विचारों, सामाजिक सरोकारों और एक संघर्षरत युवा के अंतर्मन का सजीव दस्तावेज़ है।

अक्षय की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशप्रेम’ की गहरी छाप है। वे छत्रपति शिवाजी महाराज, लोकमान्य तिलक, चंद्रशेखर आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राष्ट्रीय नायकों से अत्यंत प्रभावित हैं और अखंड भारत तथा ‘राम राज्य’ की पुनर्स्थापना का स्वप्न देखते हैं।
इतिहास और संस्कृति के प्रति गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मुद्दों- जैसे पूर्वोत्तर (मणिपुर) की स्थिति, आतंकवाद, जी-20 सम्मेलन और वर्तमान राजनीति – पर भी अपनी लेखनी के माध्यम से बेबाक और तीखा प्रहार करते हैं।
राष्ट्रवाद और कड़े तेवरों के अलावा, अक्षय के काव्य में एक युवा मन की कोमलता भी बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोस्तों की दुनियादारी, रिश्तों का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़्बा उनकी कविताओं को आम युवाओं से जोड़ता है।
संक्षेप में, अक्षय राजूरकर एक ऐसे कवि हैं जिनकी आवाज़ में युवाओं का शंखनाद, मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण और ‘भारत को भव्य’ बनाने का दृढ़ संकल्प गूँजता है।
पूर्व में अभाविप जैसे संगठन में सक्रियता से कार्यरत रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपुर राज्य के अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में प्रत्यक्ष काम का अनुभव किया है। इनका जनजाति और सेवा कार्य से विशेष लगाव है।

Shree Krushnachi Jeevansutre

40.00

The guidelines of lord Krishna in this book are focused on the law of Karma to be followed in daily life. When one’s mind is restless, the dictums in this book, help one as guidelines.

Tahanlel Bet

375.00

महेश लातूरकर हे रहस्यकथा लेखक आणि इतिहास अभ्यासक असून प्रस्तुत पुस्तक हे त्यांचे दुसरे पुस्तक आहे.
त्यांनी लिहिलेल्या “शापित सौंदर्य” या गाजलेल्या रहस्यमय भय कादंबरीच्या दोन आवृत्ती प्रकाशित झाल्या आहेत. याच पुस्तकाकरिता त्यांना “भारतीय समाज विकास अकादमी” चा सन 2012 वर्षाचा उत्कृष्ट लेखक या पुरस्काराने सन्मानीत करण्यात आले आहे.
त्यांचे शिक्षण एम. कॉम ( फायनान्स ) आणि पीजी. डी. एफ. एम ( मुंबई विद्यापीठ ) असे झालेले आहे. तसेच यांना ज्योतिषाची आवड असून त्यांनी संशोधनात्मक “ज्योतिष आचार्य” आणि “अंकशास्त्रज्ञ” या पदव्या प्राप्त केलेल्या आहेत, या विषयांमध्ये ते पारंगत आहेत.
सध्या ते मागील काही वर्षापासून “छत्रपती संभाजी महाराज” यांच्या पूर्ण जीवनावर आधारित ऐतिहासिक कादंबरी लिहित आहेत.
लेखनासोबतच ते मराठी भाषा, मराठी शाळा आणि इतिहास संवर्धन, जतन संबंधित विविध संघटनांशी आणि चळवळीशी प्रत्यक्ष सहभागी असून कार्यरत आहेत.