Saad

120.00

2 in stock

Compare
SKU: Saad Category:
Additional information

Additional information

Weight 140 kg
Dimensions 21.5 × 14 cm
More Products

Hitopdesh Chaturya Sutre

50.00

The elders dont read the book and remain unadvised by ignoring the ill this book. The book though is suppossed to be read by children, it is very very important for people of all age groups. The original sanskrit epigrams and their meaning, inner meaning is revealed in simple language in the book.

Ramjanmabhoomi Muktiche Andolan

100.00150.00

God Ram is the beloved, most honourd dirty of Indian Hindus. The birthplace of Rama, which was captured by the muslims has been thought to be a blemish for the indipendent Indians. A movement to free the place has so become an intense and extensive for people. In this book a deep and critical review is presented by the retired editor of daily Tarun Bharat- Shri. D.B. alias Mamasaheb Ghumare.

The Game of Affair

369.00

प्रेमभावना ही जीवनाची संजीवनी आहे. सहजपणे एकमेकांत मिसळून-समरसून जगण्याचा भावमूलक अध्याय आहे. म्हणूनच प्रेमाच्या वेदनेकडेसुद्धा सौंदर्यवादाच्या भूमिकेतून पाहिले जाते. परंतु प्रेमाच्या आणा-भाका घेतल्यावरही लग्नासारख्या पवित्र बंधनातून बाहेर पडून लग्नबाह्य संबंध ठेवणे, त्याला प्रेमाचे गोंडस नाव देऊन त्याच्या अस्तित्वासाठी वाट्टेल तसे वागणे, वासना व भावना यातील अंतर न कळणे आणि केलेल्या चुका पुन्हा दुरुस्त करण्याच्या आविर्भावातून नात्याची वीण घट्ट करण्याची उठाठेव करणे; असे कित्येकदा समाजजीवनात अनुभवायला मिळते. हेच वास्तवभान उर्मिला देवेन यांनी  ‘द गेम ऑफ अफेअर’ या कादंबरीत मार्मिकपणे मांडले आहे.

Mi Boltey Jijabai

30.00

Mother of the adored godly personality of Chhatrapati Shivaji Maharaj. Jijabai, who guided her son to fight against the odds and establish a Hindu rule is an icon for the mother in the world. Her life was full of strife and struggle. The life style and incident in her life, Where National Pride was the struggling force has been depicted this book as she is speaking.

Akhand Bharat ke Swar

200.00

अक्षय पुष्पा प्रभाकर राजूरकर मुख्य रूप से आष्टी, जिला वर्धा (महाराष्ट्र) से जुड़े एक युवा, ओजस्वी और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संग्रह उनके प्रखर राष्ट्रवादी विचारों, सामाजिक सरोकारों और एक संघर्षरत युवा के अंतर्मन का सजीव दस्तावेज़ है।

अक्षय की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशप्रेम’ की गहरी छाप है। वे छत्रपति शिवाजी महाराज, लोकमान्य तिलक, चंद्रशेखर आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राष्ट्रीय नायकों से अत्यंत प्रभावित हैं और अखंड भारत तथा ‘राम राज्य’ की पुनर्स्थापना का स्वप्न देखते हैं।
इतिहास और संस्कृति के प्रति गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मुद्दों- जैसे पूर्वोत्तर (मणिपुर) की स्थिति, आतंकवाद, जी-20 सम्मेलन और वर्तमान राजनीति – पर भी अपनी लेखनी के माध्यम से बेबाक और तीखा प्रहार करते हैं।
राष्ट्रवाद और कड़े तेवरों के अलावा, अक्षय के काव्य में एक युवा मन की कोमलता भी बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोस्तों की दुनियादारी, रिश्तों का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़्बा उनकी कविताओं को आम युवाओं से जोड़ता है।
संक्षेप में, अक्षय राजूरकर एक ऐसे कवि हैं जिनकी आवाज़ में युवाओं का शंखनाद, मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण और ‘भारत को भव्य’ बनाने का दृढ़ संकल्प गूँजता है।
पूर्व में अभाविप जैसे संगठन में सक्रियता से कार्यरत रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपुर राज्य के अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में प्रत्यक्ष काम का अनुभव किया है। इनका जनजाति और सेवा कार्य से विशेष लगाव है।