Eka Bhuvaidnyanikachi Bhraman Gatha

200.00

10 in stock

Compare
SKU: 622 Category:
Description

Description

श्री राजीव हिंगवे
श्री राजीव हिंगवे, हे सिव्हिल इंजिनियर असून ते गेली 40 वर्षे बांधकाम व्यावसायिक (Builder) म्हणून नागपूर, पुणे येथे प्रख्यात आहेत. मराठी वाचनाच्या आवडीमुळे 2022 मध्ये त्यांनी मराठीत M.A केले व सध्या PhD ची तयारी अंतिम टप्यावर आली आहे.
श्री राजीव हिंगवे मागील चाळीस वर्षांपासून आ. बाबासाहेबांशी एक भक्त म्हणून जुळले आहेत व त्यांच्या मार्गदर्शनात अनेक अध्यात्मिक उपक्रम, उत्सव, कार्यक्रम यांचे त्यांनी आयोजन केले आहे. श्री शांतिपुरूष मासिकाचे ते गेली 25 वर्षे कार्यकारी संपादक म्हणून कार्य करीत आहेत. आज देश विदेशात हजारो भाविक या मासिकाचे सभासद आहेत. श्री शांतिपुरूष सेवा संस्थेचे ते कार्यकारी अध्यक्ष असून या संस्थेचे कार्य समर्थपणे सांभाळीत आहे. तसेच महत्त्वाचे म्हणजे चैतन्यपीठाचे युट्युब चॅनेलवर गेली 6 वर्षे सुरु असलेली आ. बाबासाहेबांचा आत्मसंवाद, या प्रबोधन मालिकेमध्ये त्यांचा सक्रिय सहभाग असतो.

Additional information

Additional information

Weight 0.300 kg
Dimensions 24 × 16 × 3 cm
More Products

Bhartiya Shilpashastre

100.00

In Ancient India there were 14 techiques and 64 arts which were practised by different artist what Which are these techiniques and arts? There are hundreds of books published on the subjects. In this particular book Dr. Ashok Nene, retired professor of V.N.I.T. has taken overall informative view.

Dhammapada Ani Mulya Vichar

400.00
नावः प्रा.डॉ. ईश्वर तुकारामजी नंदपुरे
जन्मस्थळः 1.9.1948, भंडारा जिल्ह्यातील आकोट (विदर्भ)
शिक्षणः एम.ए.(मराठी वाङ्मय, आंबेडकर विचारधारा, गांधी विचार धारा) एम.कॉम्‌‍., एम. एड्., एम.एस.डब्ल्यू., एच.डी.एड्.,
बी.एड्., एच.एम.डी.एस्‌‍, पंडित (हिंदी वाङ्मय),
पी.एच.डी. (मराठी वाङ्य);
पीएच्‌‍.डी. (शिक्षणशास्त्र), पत्रकारिता.
व्यवसायः निवृत्त व्याख्याता (मराठी) एस.के. पोरवाल महाविद्यालय, कामठी (नागपूर)

Akhand Bharat ke Swar

200.00

अक्षय पुष्पा प्रभाकर राजूरकर मुख्य रूप से आष्टी, जिला वर्धा (महाराष्ट्र) से जुड़े एक युवा, ओजस्वी और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संग्रह उनके प्रखर राष्ट्रवादी विचारों, सामाजिक सरोकारों और एक संघर्षरत युवा के अंतर्मन का सजीव दस्तावेज़ है।

अक्षय की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशप्रेम’ की गहरी छाप है। वे छत्रपति शिवाजी महाराज, लोकमान्य तिलक, चंद्रशेखर आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राष्ट्रीय नायकों से अत्यंत प्रभावित हैं और अखंड भारत तथा ‘राम राज्य’ की पुनर्स्थापना का स्वप्न देखते हैं।
इतिहास और संस्कृति के प्रति गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मुद्दों- जैसे पूर्वोत्तर (मणिपुर) की स्थिति, आतंकवाद, जी-20 सम्मेलन और वर्तमान राजनीति – पर भी अपनी लेखनी के माध्यम से बेबाक और तीखा प्रहार करते हैं।
राष्ट्रवाद और कड़े तेवरों के अलावा, अक्षय के काव्य में एक युवा मन की कोमलता भी बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोस्तों की दुनियादारी, रिश्तों का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़्बा उनकी कविताओं को आम युवाओं से जोड़ता है।
संक्षेप में, अक्षय राजूरकर एक ऐसे कवि हैं जिनकी आवाज़ में युवाओं का शंखनाद, मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण और ‘भारत को भव्य’ बनाने का दृढ़ संकल्प गूँजता है।
पूर्व में अभाविप जैसे संगठन में सक्रियता से कार्यरत रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपुर राज्य के अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में प्रत्यक्ष काम का अनुभव किया है। इनका जनजाति और सेवा कार्य से विशेष लगाव है।

Adhyatmache Vidnyan Aani Ganit

180.00

In this book the experiences about the origin of cosmos from the very first step and the journey afterwards has been given. The extracts found in the treaties with the logical method are made known from modern scientific perspectives. The Mahat-sphot concept about beyond the description of sat and asat [beyond the truth and nontruth] which is referred and indicated in Nasadiya sukta (state of singularity) is logically stretched till the present time interpretation of modern science by the author. He has rightly shown how the modern researches are parallel to the oldest concepts of our rishis and acharyas.

Indigenous Technology for Smarter Mankind

200.00

India,with intelligent young generation,has potential to become Super power. We can create such scientists of world class when ween courage scientific temper in the students right from their teen-age.This book is outcome of author?s passion for above thought process. It is a compendium of his scientific articles published through newspapers, magazines, journals, souvenirs etc.This book will be feast for teenagers with quest for science and technology.