Vayukanya P. T. Usha

60.00

P.T. Usha is one of the best runner player of India the book is a living data of the physical and mental hard and passionate efforts, She made to get the derived success.

5 in stock

Compare
SKU: Vayukanya P. T. Usha Categories: , ,
Description

Description

P.T. Usha is one of the best runner player of India the book is a living data of the physical and mental hard and passionate efforts, She made to get the derived success.

Additional information

Additional information

Weight 50 kg
Dimensions 21.5 × 14 cm
More Products

Puran Parichay

50.00

In this book all the eighteen Puranas have been describes as to become available to the new generation. It includes the historical information side by side.

Bhartiya Paramveer

150.00

The highest military award Paramveer is a matter of pride. In this book we get full information about the various winning Paramveer award in Marathi

Karan Karya Siddhant

399.00

डॉ. सुनीलदत्त गवरे यांचे “कारणकार्याविषयीचे” हे लेखन अनेक कारणांनी महत्त्वपूर्ण आणि स्तुत्य ठरते. निवडलेला विषय तत्त्वज्ञानाच्या अभ्यासात मूलभूत असून, मराठीत त्यावर सविस्तर विवेचन क्वचितच आढळते. या ग्रंथात पाश्चात्य आणि पौर्वात्य तत्त्वज्ञानातील कारणसंकल्पना सखोल, साधार व अभ्यासपूर्ण पद्धतीने स्पष्ट केली आहे.

Akhand Bharat ke Swar

200.00

अक्षय पुष्पा प्रभाकर राजूरकर मुख्य रूप से आष्टी, जिला वर्धा (महाराष्ट्र) से जुड़े एक युवा, ओजस्वी और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संग्रह उनके प्रखर राष्ट्रवादी विचारों, सामाजिक सरोकारों और एक संघर्षरत युवा के अंतर्मन का सजीव दस्तावेज़ है।

अक्षय की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशप्रेम’ की गहरी छाप है। वे छत्रपति शिवाजी महाराज, लोकमान्य तिलक, चंद्रशेखर आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राष्ट्रीय नायकों से अत्यंत प्रभावित हैं और अखंड भारत तथा ‘राम राज्य’ की पुनर्स्थापना का स्वप्न देखते हैं।
इतिहास और संस्कृति के प्रति गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मुद्दों- जैसे पूर्वोत्तर (मणिपुर) की स्थिति, आतंकवाद, जी-20 सम्मेलन और वर्तमान राजनीति – पर भी अपनी लेखनी के माध्यम से बेबाक और तीखा प्रहार करते हैं।
राष्ट्रवाद और कड़े तेवरों के अलावा, अक्षय के काव्य में एक युवा मन की कोमलता भी बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोस्तों की दुनियादारी, रिश्तों का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़्बा उनकी कविताओं को आम युवाओं से जोड़ता है।
संक्षेप में, अक्षय राजूरकर एक ऐसे कवि हैं जिनकी आवाज़ में युवाओं का शंखनाद, मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण और ‘भारत को भव्य’ बनाने का दृढ़ संकल्प गूँजता है।
पूर्व में अभाविप जैसे संगठन में सक्रियता से कार्यरत रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपुर राज्य के अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में प्रत्यक्ष काम का अनुभव किया है। इनका जनजाति और सेवा कार्य से विशेष लगाव है।